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VOL. 4, ISSUE 2 (2022)
वैश्वीकरण के युग में हिंदी
Authors
कल्याणी
Abstract
वैश्वीकरण का शाब्दिक अर्थ स्थानीय या क्षेत्रीय वस्तुओं या घटनाओं के विश्व स्तर पर रुपांतरण की प्रक्रिया है। इसे एक ऐसे प्रक्रिया का वर्णन करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है जिसके द्वारा पूरे विश्व के लोग मिलकर एक समाज बनाते है तथा एक साथ काय्र करते है। आज का युग वैज्ञानिक युग है इसमें ऐसी भाषा की आवश्यकता है जो जन-2 की भाषा होने के साथ-साथ एक विशेष प्रयोगन के लिए प्रयुक्त होती हो, ऐसी ही भाषा है हिन्दी। हिन्दी ही एक ऐसी भाषा है जो संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में बांध सकती है। इस शोध आलेख में आधुनिक वैश्वीकरण के युग में हिंदी भाषा की दशा, दिशा एक उसकी वैश्वीकरण स्थिति का वर्णन किया गया है।
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Pages:51-52
How to cite this article:
कल्याणी "वैश्वीकरण के युग में हिंदी". International Journal of Educational Research and Studies, Vol 4, Issue 2, 2022, Pages 51-52
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